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मुंबई दर्पण, अंक-8, जनवरी-मार्च, 2023

Published by Anjani Prakashan, 2023-07-15 15:53:33

Description: मुंबई दर्पण, अंक-8, जनवरी-मार्च, 2023

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मुंबई दर्पण् 8अकं मार्च् 2023 वर्ष् : 2022-23, अकं -8, जनवरी-मार््,च 2023 पंजाब एण्ड सिंध बैैकं , अचं ल कार््यालय, मुंबई की तिमाही हिं दी गहृ पत्रिका जहाँ सेवा ही जीवन ध््ययेय है। Where Service is a way of life.

बैकैं ने हर्षोल्लास के साथ 74वाँ गणततं ्र दिवस समारोह, स्टाफ प्रशिक्षण महाविधालय नई दिल्ली मेंे मनाया। बैकंै के प्रबंध निदेशक एवं मखु ्य कार््यकारी अधिकारी श्री स्वरूप कु मार साहा ने कार््कय ारी नदेशक श्री कोल्लेगाल वी राघवेन्द्र तथा समस्त महाप्रबंधकोों और उप महाप्रबधं कोों की उपस्थिति मेंे ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण पश्चात प्रबधं निदेशक एवं मखु ्य कार््यकारी अधिकारी तथा कार््यकारी निदेशक महोदय ने उपस्थित कार््ममिकोों को संबोधित किया।

मुंबई दर््पण पंजाब एण्ड सिंध बैकैं , अंचल कार्यालय मुंबई अचं ल कार््यालय मबुं ई पजं ाब एण्ड सिंध बैकंै , अचं ल कार््यालय, मुंबई की तिमाही ई-पत्रिका 27/29 अंबालाल दोषी मार््ग फोर्ट् मंुबई-400001 वर््ष : 2022-23, अंक-8, जनवरी-मार्,च् 2023 ई-मेल : [email protected] , दूरभाष : 022-22626055 çca/kdh; eaMy अनकु ्रमणिका इस अकं मेें पृष्ठ सखं ्या सं पादकीय 3 4 जलवायु परिवर््तन 5 6 मेरा भारत महान 8 10 कृ त्रिम बदु ्धिमत्ता या Artificial Intelligence 11 12 शतरंज बोझ (काव्य) नगर राजभाषा कार््ययान्वयन समिति, पणजी एवं राजभाषा परु स्कार विज्ञापन मुख्य संपादक श्री चमन लाल फील्ड महाप्रबधं क, मंबु ई अचं ल संपादक एवं प्रकाशक प्रिय साथियो,ं श्री रवि यादव “मं बु ई दर्णप् ” के 8 वेें अकं के साथ आपलोगों के समक्ष राजभाषा अधिकारी अपना विचार रखने का सअु वसर प्राप्त होने पर मझु े बहुत ही खुशी हो रही है। पिछले वित्तीय वर्ष् मेंे आप सभी लोगों ने व्यवसाय के सपं ादक मंडल निर््धारित विभिन्न लक्षष्यों को प्राप्त कर अपने बैंकै “पं जाब एण्ड सिंध बैंकै ” जहाँ सवे ा ही जीवन ध्येय हैंै” के आर््दश वाक्य को चरितार््थ किया हैैं। अब इस नए वित्तीय वर्ष् मेंे हमेें परु े उत्साह श्री सरबजीत सिं ह श्री अमित कु मार से अपने नए लक्षष्यों की प्राप्ति हेतु प्रयास करने की आवश्यकता है। सहायक महाप्रबंधक मुख्य प्रबधं क साथियो,ं बैकंै एक वित्तीय सं स्थान है एवं ऐसे किसी भी सं स्थान की सफलता का सतू ्र श्रीमती जोया प्रकाश श्री आकाश रौशन श्री गौरव काबं ले उसके ग्राहकों को प्रदान की जाने वाली सेवा की गुणवत्ता पर निर््भर करता है। हमारा बैंकै वरिष्ठ प्रबधं क वरिष्ठ प्रबंधक अधिकारी हमेशा से ही अपने ग्राहकों को सर््वश्रेष्ठ सवे ाएँ प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध रहा है। हमेंे अपने ग्राहकों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध, सं बद्ध और आबद्ध रहने की आवश्यकता हैैं। हमेें अपने ग्राहकों के हितों के प्रति प्रतिबद्धत, सं बद्धता और आबद्धता को ध्यान मेें रखते हुए उन्हेहं सर््वश्ेरष्ठ सवे ाएँ प्रदान करने के लिए मरे ा आपसे विशेष निवेदन है। इस आशा के साथ कि आप हमेें अपने विचार, लखे , काव्य प्रेषित करेंेग,े श्रीकृ ष्ण की कु छ पं क्तियों के साथ अपनी बात समाप्त करता हूूँ: “सरू ज जैसा बनना है तो सूरज इतना जलना होगा नदियों का आदर पाना है तो पर््वत छोर निकलना होगा और हम आदम के बटे े हैंै क््योों सोचे राह सरल होगा कु छ ज्यादा वक्त लगगे ा पर सं घर््ष जरुर सफल होगा हर एक सं कट का हल होगा वो आज नहीं तो कल होगा” (श्री चमन लाल) फील््ड महाप्रबंधक यह गृह पत्रिका के वल आंतरिक परिचालन हेतु है। ‘मंबु ई दर््पण’ के इस अंक मेें प्रकाशित कोई भी सामग्री जैसे लेख, कविता संबधं ित लेखकोों की है। इसमेें सपं ादक अथवा बैंैक का कोई उत्तरदायित्व नहीीं है।

मंबु ई दर््पण जलवायु परिवर्त्न श्रीकृ ष्णा सावंत दु निया भर मेंे, अत्यधिक सं वेदनशील के प्रभाव इतने लगातार और गं भीर होते लोग और पारिस्थितिक तं त्र पहले जा रहे हैंै कि कोई भी मौजूदा अनकु ू लन अधिकारी से ही जलवायु परिवर््तन के प्रभावों के रणनीति पूरी तरह से बच नहीं सकती अचं ल कार््यालय मुंबई अनकु ू ल होने के लिए सं घर्ष् कर रहे हैैं। है नुकसान और नकु सान। उदाहरण के कु छ के लिए, ये सीमाएँ \"नरम\" हैंै - लिए, उष्ण कटिबं ध मेंे तटीय समुदायों ने प्रभावी अनकु ू लन उपाय मौजूद हैैं, लके िन सं पूर््ण प्रवाल भित्ति प्रणालियों को देखा है आर््थथिक, राजनीतिक और सामाजिक जो एक बार उनकी आजीविका और खाद्य बाधाएँ कार््ययान्वयन को बाधित करती हैैं, सुरक्षा का समर््थन करते थ,े व्यापक मृत्यु जसै े कि तकनीकी सहायता की कमी या दर का अनभु व करते थ,े जबकि समदु ्र अपर््ययाप्त धन जो उन समुदायों तक नहीं के बढ़ते स्तर ने अन्य निचले इलाकों को पहुुँच पाता जहाँ इसकी सबसे अधिक उच्च भमू ि पर जाने और सांस्कृतिक स्थलों आवश्यकता होती है। लेकिन अन्य क्षेत््रोों को छोड़ने के लिए मजबरू किया है। में,े लोग और पारिस्थितिक तं त्र पहले से ही अनुकू लन के लिए \"कठोर\" सीमा का सामना कर रहे हैैं या तेजी से आ रहे हैंै, जहां ग्लोबल वार््मिगिं के 1.1 डिग्री सले ््ससियस (2 डिग्री एफ) से जलवायु 4 \"व्याकरण चाहे जितना विशाल बने परंतु भाषा का पूरा-परू ा समाधान उसमेंे नहीीं हो सकता।\" - अनंतराम त्रिपाठी। पजं ाब एण्ड सिंध बैंकै , अचं ल कार््ययालय, मंबु ई की तिमाही पत्रिका

मुबं ई दर््पण महालक्ष्मी संपथ प्रबंधक मबुं ई अंचल मे रा भारत महान हैैं और अपने भारतीय जाने के लिए मजबूर कर दिया। इतना कु छ होने पर गर््व है। जहां अलग-अलग होने के बावजूद भी हमारी सं स्कृति, सं स्कार धर््म, जाति, भाषा, रंग, रूप के लोग बहुत प्रेम अपनापन मेंे कोई बदलाव नहीं आया। के साथ रहते है। जहां दरू ््गगा पजू ा, दिवाली, होली, क्रिसमस, ईद हर त्यौहार को अपनेपन भारत की सं स्कृति सच मेें अद्तभु है। दरू - से मनाया जाता हैैं। भारत मेंे मुगल शासकों दरू से लोग भारत की सं स्कृति और सभ्यता और अंग्ेरजों का शासन हमारी सं स्कृति का का अध्ययन भी करते हैंै। अपने से बड़ो का हिस्सा रहा है। भारत मेें हमेशा अतिथि देवो आदर सत्कार करना, छोटों के साथ विनम्रता भवः की सं स्कृति रही है। मगु लों और अगं ्ेजर ों से व्यवहार करना हमेंे बचपन से ही परिवार ने हमारे ऊपर कई साल शासन किया लेकिन का महत्व बताया जाता है और कै से परिवार हम भारतीयों न उनका भी दिल खोल कर को प्रेम के धागे मेंे पीरो कर रखना चाहिए स्वागत किया। उन््होोंने कई बार भारत मेंे फू ट साथ ही भाईचारे से सबके साथ कै से रहना डालने की नीति अपनाई लके िन भारत ने चाहिए। भारत अपनी विभिन्न नृत्य कलाओं विविधता मेंे एकता के रहते उन्हंेह यहॉं से भाग के लिए भी प्रसिद्ध है। \"स्वदेशप्रेम, स्वधर््मभक्ति और स्वावलबं न आदि ऐसे गुण हैंै जो प्रत्ेयक मनुष्य मेंे होने चाहिए।\" - रामजी लाल शर््ममा। 5 वर््ष-2022-2023, अकं -7, अक्ूट बर-दिसम्बर, 2022

मबुं ई दर्पण् ए कृ त्रिम बुद्धिमत्ता या Artificial Intelligence आकाश रौशन कृ त्रिम बुद्धिमत्ता क्या है? मैनुफै क्चरिगं , रिपये रिगं , व्यवसाय, कानून, वित्त आदि क्षेत्र मेंे इसका व्यापक रूप से प्रयोग हो रहा वरिष्ठ प्रबंधक आपने का नाम सनु ा होगा या समाचार पत््रोों, है। एआई तकनीक का समाज, अर््थव्यवस्था और अंचल कार््यलया य मंबु ई रिपोर्टटों आदि मेें इस विषय मेें पढ़ा होगा। व्यापार पर भारी प्रभाव पड़ने वाला है। कृ त्रिम बुद्धिमत्ता या एक अद्धययन तथा एआई के प्रकार प्रक्रिया है जिसमेंे कं प्टयू रों के माध्यम से वे कार््य करवाये जाते हैंै जो कार््य मनषु ्य अपनी बदु ्धि का विजन एआई प्रयोग करते हुए करता हैैं। इसमेें कं प्ूटय रों को बदु ्धिमत्ता प्रदान की जाती है ताकि वे मनुष्य की • दस्तावजे ो,ं छवियों या वीडियो से जानकारी भांति सोच सकेें व कार््य कर सकेें व कार््य कर सकेंे । उत्पन्न करता है। बुद्धिमत्ता के लिए तर््क की क्षमता की आवश्यकता होती है। इसके लिए विभिन्न विषयों मेें न के वल • सेेंसर, कै मरा, तं त्रिका नेटवर््क और एल्गोरिदम बहुत अधिक ज्ञान की आवश्यकता होती है बल्कि का उपयोग करता है। इस ज्ञान को प्रयोग मेें लाकर विभिन्न समस्याओं का समाधान करने के लिए इन प्रणालियों की • चेहरे की पहचान, वस्तु पहचान आदि मेें आवश्यकता होती है। प्रयोग आता है। कृ त्रिम बुद्धिमत्ता आज प्रयोगशाला से सं वादी एआई बाहर निकलकर मानव जीवन का अंग बन गयी है। कं प्ूयटर/मोबाइल गमे ्स से लके र शिक्षा, • ध्वनि-आधारित और पाठ आधारित वार््ततालाप कृ षि, चिकित्सा शास्त्र, प्रौद्योगिकी, डिजाइनिंग, करने मेंे सक्षम। • तरु न्त जानकारी उत्पन्न करने मेंे सक्षम। • एप्लिके शन चटै बॉट, वर््चचुअल असिस्टंेटट आदि इसके उदाहरण है। 66 \"गणु वान खानखाना सदृश प्रेमी हो गए रसखान और रसलीन से हिं दी प्रेमी हो गए।\" - राय देवीप्रसाद। पपजंंजपााजं बबाएएबणणए््डडण्ससििड संंधधिंबबधैैंककैंै बैंैक,, अअ,ंचचं अललचं लकककाारर््ा््ययरययलाला ््ययययाल,,यमम, ुंबंुबमईईबंु ककई कीी ततििी तममिाामहहीीाहपपीतत््पररिितकक्रिकाा ा

मंबु ई दर्प्ण सेेसं एआई • एआई हमेें बेहतर निर््णय लेने मेें मदद करता है। • एआई हमेें और अधिक उत्पादक बनाता है। • मानवीय भावनाओ,ं भावो,ं वाणी से जानकारी निकालने मेें • एआई समस्याओं को उन तरीकों से हल करता है जो हम नहीं सक्षम। कर सकत।े • सेेसं र और हार््डवेयर का उपयोग करके डाटा एकत्र करता है • एआई 24 घं टे काम करने मेंे सक्षम है। और उसका विश्लेषण करता है। नुकसान • स्मार््ट होम डिवाइस आदि इसके उदाहरण है। • एआई को बहुत सारे डेटा की जरूरत होती है। निर््णय एआई • एआई महंगा हो सकता है। • एआई खराब निर््णय ले सकता है। • एमएल और एल्गोरिदम का उपयोग करके सटीक निर््णय लने ा। • एआई नौकरियों को नष्ट कर सकता है। • इंसानों की तरह तर््क करने और भविष्यवाणी करने की क्षमता। • एआई मनुष्य को आलसी बना सकता है। • आपूर््तति श्ंृर्खला प्रबं धन स्वास्थ्य देखभाल आदि मेंे काम आता • एआई मनुष्य को आवेगरहित बना सकता है। है। निष्कर्ष् रोजगार के अवसर एआई निस्सं देह एक ट्रेंडिंग और उभरती हुई तकनीक है। यह दिन-ब-दिन बहुत तजे ी से बढ़ रहा है, और यह मशीनों को मानव एआई ने नौकरी के अवसर भी खोलेें हैंै। एक रिपोर््ट के अनसु ार मस्तिष्क की नकल करने मेंे सक्षम बना रहा है। दनु िया भर मेंे बहुत हेल््थके यर क्षेत्र, क्लिनिकल डेटा एनालिस्ट और मेडिकल इमजे िंग से लोग अभी भी इसे एक जोखिम भरी तकनीक के रूप मेंे सोच स्ेशप लिस्ट जसै ी भूमिकाओं की तलाश मेें है, बैंैकिं ग और वित्त रहे है, क््योोंकि उन्हंहे लगता है कि अगर यह इंसानों से आगे निकल क्षेत्र, चैटबॉट डेवलपर, धोखाधड़ी विश्लेषक और क्रेडिट जोखिम गया, तो यह मानवता के लिए खतरनाक होगा। हालॉंकि, एआई विश्लेषक की खोज मेें है। मनै ्युफै क्चरिगं क्षेत्र को इंडस्ट्रियल का दिन-प्रतिदिन विकास इसे एक बहे तर तकनीक बना रहा है, डेटा साइंटिस्ट, प्रोसेस ऑटोमशे न स्ेपशलिस्ट, प्रेडिक्टिव मेंटे ेनेंेस और लोग इससे अधिक से अधिक जड़ु रहे हैंै। इसलिए, हम यह इंजीनियर जैसी भमू िकाओं की जरूरत है। रिटेल क्षेत्र को रिटेल निष्कर्ष् निकाल सकते हैैं कि यह एक महान तकनीक है, लके िन डेटा एनालिस्ट, आई टी प्रोससे मॉडलर जैसी प्रोफे शनल चाहिए। बिना किसी नकु सान के प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए प्रत्येक तकनीक का सीमित एवं नियं त्रित तरीके से उपयोग किया जाना एआई के फायदे और नुकसान आवश्यक है। फायदे • एआई दोहराए जाने वाले कार्ययों को स्वचालित करता है। • एआई मानवीय त्रुटि को कम करता है। \"हिं दी किसी के मिटाने से मिट नहीीं सकती।\" - चंद्रबली पाण्ेडय। 7 वर््ष-2022-2023, अकं -7, अक्टू बर-दिसम्बर, 2022

मंुबई दर्प्ण शतरजं प्रिया कु मारी श तरंज की उत्पत्ति भारत मेें हुई जो उपयोग माइनर पीस एं डगेम्स मेें सबसे मजबतू फारस और बाद मेंे अरब तक फै ल गई। पीस के रूप मेंे करते हैंै। वे तीन तरीके जिनसे प्रबधं क अधिकांश ऐतिहासिक राजा नेतृत्व मेंे विशषे ज्ञ राजा को पकड़़े जाने की धमकी दिए बिना राजा अचं ल कार््यालय मुबं ई होते हैंै, तलवारबाजी मेंे नही।ं 'रानी' के टुकड़े़ को हराया जा सकता है। शह और मात - राजा को पहले के रूपों मेें वज़़ीर या वज़़ीर या वज़़ीर एक गलती करता है और जगह से भागने मेें और फे री कहा जाता था। महान अकबर और असमर््थ है, ध्वजारोहण - शतरंज का खेल अधिकाशं अन्य राजाओं के मामले मेंे यह समय से बाहर चला गया है इंगित करता है रानी टुकड़़ा 'बीरबल' जसै ा पुरुष हुआ करता कि प्रतिद्ंवद्वी के पास कोई ऊर््जजा और इस्तीफा था। रानी का टुकड़़ा नूरजहाँ जसै ी महिला हो नहीं है - राजा खदु को आत्मसमर्णप् करता है सकती है, जहाँ गीर के रूप मेें जो रोमन सम्राट क््योोंकि वह सोचता है कि लड़़ाई जारी रखना क्लॉडियस से मिलती-जुलती थी। मन्त्री के रूप व्यर््थ है। शतरंज की बिसात से राजा का मोहरा मेें रानी का टुकड़़ा यूरोपीय प्रभाव के कारण नहीं हटाया जा सकता क््योोंकि राजाओं को मारा अप्रचलित हो गया है। यह पहेली की एक नहीं जाता था, उन्हेहं फिरौती और लं बे समय तक शानदार सरणी के साथ आता है जसै े कि रानी यातना देने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। बौडिका, केें ट की रानी बर््थथा, नॉर्मंडी की रानी एम्मा, एक्विटेंेस की रानी एलने ोर, फ््रांस की रानी एक राजा का नेततृ ्व निहित होता है क््योोंकि इसाबले ा, झासं ी की रानी, जोन ऑफ आर््क , एक राजा विवेक बनाए रखने मेें अच्छा होता आदि। शतरंज मेंे, एक है भ््राांति है कि राजा है जबकि परू ी दनु िया उसे दोष दे रही है, एक कमजोर होता है। मगै ्नस कार््लसन बादशाह का राजा अपनी बुद्धि के लिए भाग्य और आपदाओं 8 \"आर्ययों की सबसे प्राचीन भाषा हिं दी ही है और इसमेें तद्भव शब्द सभी भाषाओं से अधिक है।\" - वीम्स साहब। पंजाब एण्ड सिंध बैकैं , अचं ल कार््यलाय य, मंबु ई की तिमाही पत्रिका

मंबु ई दर््पण शतरंज के खले को खले ने के जितने तरीके हमारे ब्रह्माण्ड मेंे तारे हैंै, उससे कहीं अधिक हैंै। औसत शतरंज ग्ररैंडमास्टर इसी अवधि मेंे विंबलडन के परु ुष खिलाड़़ी की तलु ना मेंे अधिक कै लोरी का उपभोग करता है। यह शतरंज के खिलाड़़ी के सिर के अदं र 'ब्रेन फॉग' की ओर ले जाने वाली अनगिनत अनं त सं भावनाएं भी पैदा करता है। 'पागल रानी शतरंज' हमेें देवी काली की क्रू रता की याद दिलाती है। को एक समान मान सकता है। एक राजा सामान्य स्पर््श खोए बिना मानव जाति के सबसे अच्ेछ लोगों के साथ चलता है। एक राजा सपने देख सकता है लेकिन उन्हेंह अपना मालिक नहीं बनाता। एक राजा न तो दोस््तोों से दखु ी होता है और न ही दशु ्मनों स।े सब मनुष्य राजा पर, यहाँ तक कि उसके शत्रुओं पर भी भरोसा करते हैैं। गतिरोध की अवधारणा को अधिक जटिलता और विविधता लाने के लिए आविष्कार किया गया था एक रानी शतरंज की बिसात के चारों ओर स्वतं त्र रूप से घूम सकती है, राजा के विपरीत जो एक समय मेंे एक चाल चलता है। इससे पता चलता है कि एक महिला की प्रतिष्ठा को पनु र्जीवित, पनु र्जीवित और पुनर्जीवित किया जा सकता है, जबकि परु ुष की प्रतिष्ठा एक बार खो जाने के बाद वापस नहीं जीती जा सकती है। क््योोंकि यह प्रतिद्वंद्वी को खेल जीतने के लिए बचाव योग्य प्यादों से रोकता है (विश्वनाथन आनं द की शतरंज खले ने की शैली का एक रहस्य)। यह ब्लिट्जक्रे ग शतरंज को मारता है और इसे और मजेदार बनाता है। इसमेें अधिक सं भावनाओं के कारकों को भी शामिल किया जा रहा है और इस प्रकार, अंतिम अवसरो,ं छुटकारे के अवसर और लौकिक भाग्य की जादईु औषधि बनाता है। \"क्ययों न वह फिर रास्ते पर ठीक चलने से डिगे , हैैं बहुत से रोग जिसके एक ही दिल मेें लग।े \" - हरिऔध। 9 वर््-ष 2व0र2्-ष् 22-022022-32, 0अ2ंक3,-अ7,कं अ-क5्,ूट बअरप-्लैरदि-सजम्ूनबर,,22002222

मंबु ई दर्प्ण बोझ कभी सोचा है, जितनी हमारी रफ्तार होनी चाहिए रंजना टाटले हम उतना तजे नहीीं चल पाते है, मखु ्य प्रबधं क कभी सोचा है, मंबु ई अंचल हमारी पीठ पर क्या-क्या लदा हुआ है, उन रिश्तेदारोों की झुठी आशाएंॅ है, जिनको लगता है तमु अगर कामयाब हुए, तो उनके काम आओग,े नहीीं हुए तो, वो ‘क्लाइंट््स कहॉं से बनाएगेें, सब से ज्यादा मजाक वो ही तमु ्हहंे बनाएंग,े अब फिजूल बोझ ले के चलतो हो, और लदा हुआ है एक बोझ सपने भी नहीीं देख पाते जो तमु देखना चाहते, सामाजिकता का जिस दिन ये बोझ हटा दोगे जो जाने अनजाने आपके रास्ेत डिसाईड करती है, जिंदगी शरु ू हो जाएगी ..... और गलत रास्ेत पे भेज के , और कहीीं दूर रेडियो पर गाना चल रहा है, लौटने के दरवाजे बंद कर लते ी है, हर पल यहां जी भर जियो, एक बोझ उन झुठे लोगोों का है, जो है समा कल हो न हो ..... जिन्हहें अंग्रेजी मेें फे यर वेदर फ्ररें ड््स कहा गया है, जो नहीीं चाहते आप उनकी सोच से अलग कु छ हट कर करो, क्ययोंकि अगर तुम ऐसा नहीीं करोगे, तो तुम तो फिर भी दोस्त बना लोगे, 1100 \"उसी दिन मरे \"ाजजबीवतनकससफाहलित्हयोगकाीजउिन्सनतिदिननहमोैगंै सी,ातरे बभातरकतवसासगं ियीतोोंककेी सउना्नथतिशनदु ह्ीधींहहिं दोीसमकेें वताीर्।्तत\"ाल-ापविकषर्ूँू ुणगदिा।ग\"बं –र।शारदाचरण मित्र पपंजंजाबाबएएणण््डडसिसिंधंधबैबंैकैैकं ,,अअंचचं ललककारार्््यलया्यलाय यय,,ममबुं ंबु ईईककीीतितिममाहाहीीपपत्रत्रििककाा

मबंु ई दर्पण् नगर राजभाषा कार््ययान्वयन समिति, पणजी (गोवा) द्वारा वित्तीय वर्ष् 2022-23 हेतु भारत सरकार की राजभाषा नीति के उत्कृ ष्ट कार््ययान्वयन के लिए हमारे शाखा पणजी (गोवा) को राजभाषा पुरस्कार 2022-23 प्रदान किया गया। छायाचित्र मेें भारतीय रिजर््व बैैंक और नाबार््ड के उच्चाधाकारियोों से परु स्कार प्राप्त करते हुए पणजी शाखा के  प्रभारी बैंकै नगर राजभाषा कार््यान्वयन समिति, पणजी (गोवा), सयं ोजक सेटें ्रल बैैंक ऑफ इंडिया के तत्त्वाधान मेें आयोजित भारत सरकार की राजभाषा नीति का उत्कृ ष्ट कार््यान्वयन समारोह मेें हमारे बैकंै पजं ाब एण्ड सिं ध बैैंक, पणजी - गोवा को राजभाषा सम्मान परु स्कार 2022-23 से सम्मानित किया गया। वर््-ष 2022-2023, अंक-7, अक्ूट बर-दिसम्बर, 2022 11


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